आपकी वाणी का ग्रहो के साथ क्या संबंध हैं? – Panditji Online

किसी कुंडली का दूसरा भाव और उसका स्वामी वाणी को नियंत्रित करता है. इसके अलावा तीसरा और आठवां भाव भी वाणी से संबंध रखता है. इन्ही भावो से व्यक्ति की आर्थिक और पारिवारिक स्तिथी भी देखी जाती है. वृष राशि और बुध का सीधा संबंध वाणी से होता है. ये व्यक्ति को अभिव्यक्ति की अद्भुत क्षमता प्रदान करते है.
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बृहस्पति भी व्यक्ति को बेहतरीन वाणी की शक्ति प्रदान करता है. कुंडली में सूर्य या मंगल का प्रभाव होने पर, राहु का संबंध बुध या बृहस्पति से होने पर व्यक्ति कडवी भाषा बोलते है. वो लोग अश्लील बाते करते है, गाली गलौच करते है. दूसरे भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव होने पर व्यक्ति कुछ कड़वा, कुछ नेगेटिव बोलते है.

अग्नि तत्व या जल तत्व की राशि होने पर वाणी की गड़बड़ होने की संभावनाए ज्यादा होती है. खान-पान और जीवनचर्या ठीक न होने पर आपकी वाणी ख़राब हो जाती है. गलत और अशुद्ध मंत्र जाप करने पर वाणी में दोष उत्पन होता है. कुंडली में बुध के मजबूत होने पर व्यक्ति की वाणी प्रभावशाली हो जाती है.

बुध और बृहस्पति, दोनों मजबूत हो तो व्यक्ति अद्भुत बोलता है. शनि के वाणी भाव में होने पर भी अच्छी वाणी मिलती है. कभी-कभी उसमे तीखापन आ जाता है. केंद्र मैं और लग्न, चतुर्थ, सप्तम और दशम भाव में केवल शुभ ग्रह होने पर व्यक्ति की वाणी अच्छी होती है. पृथ्वी तत्व और वायु तत्व के लोग अच्छा बोलते है.

वाणी को मधुर बनाने के लिए प्रातः और सांय गायत्री मंत्र का जाप करे. अपने खान-पान को शुद्ध रखे. महिने मैं एक बार पूर्णिमा का उपवास रखे. सलाह लेकर पीला पुखराज या पन्ना धारण करे. गलत वाणी का प्रयोग होने पर कृष्णा-कृष्णा कहे.

नौ मंत्र जो नौ ग्रह को मजबूत करेंगे – पंडितजी के उपाय

In this article, We will show you how you can impress nine planets with 9 different mantra’s for each planet. Do read the planet wise astrology solutions below, hope it helps it.

नौ मंत्र जो नौ ग्रह को मजबूत करेंगे – पंडितजी के उपाय

nine planetsसूर्य: ये ग्रहों का राजा और व्यक्ति की आत्मा है. सूर्य की कमजोरी से अपयश, ह्रदय रोग, हड्डियों की समस्या होती है. सूर्य की मजबूती के लिए दोपहर में सूर्य के मंत्र का एक माला जाप करे. आप ॐ आदित्याय नमः मंत्र का जाप रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से करे.

चंद्रमा: ये ग्रहो का दूसरा राजा या रानी है. चंद्रमा के कमजोर होने पर मानसिक रोग, अस्थमा, रक्त की समश्याए होती है. चंद्रमा की मजबूती के लिए रात में चंद्रमा के मंत्र का जाप करे. आप ॐ सों सोमाय नमः मंत्र का जाप मोती या शंख की माला से करे.

मंगल: ये ग्रहों का सेनापति और व्यक्ति का साहस है. मंगल के कमजोर होने पर भय, संपति, दुर्घटना, रिश्तों की समस्या होती है. मंगल की मजबूत की लिए दोपहर या सुबह में मंगल के मंत्र का जाप करे. आप ॐ अं अंगारकाय नम: मंत्र का जाप मूंगे या लाल चंदन की माला से करे.

बुध: बुध ग्रहों का राजकुमार है और व्यक्ति की वाणी और बुद्धि है. कमजोर बुध से बुद्धि, कान-नाक-गला, त्वचा, वाणी की समस्या होती है. बुध को मजबूत करने के लिए सुबह में बुध के मंत्र का जाप करे. आप ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप हकिक या रुद्राक्ष की माला से करे.

बृहस्पति: ग्रहों का गुरु और मंत्री है. व्यक्ति का धर्म और सात्विकता है. बृहस्पति के कमजोर होने पर मोटापा, पेट के रोग, अधर्म का मार्ग मिलता है. बृहस्पति की मजबूती के लिए सुबह बृहस्पति के मंत्र का जाप करे. आप ॐ बृं बृहस्पतये नम: मंत्र का जाप हल्दी या रुद्राक्ष की माला से करे.

शुक्र: ग्रहों का मंत्री है. व्यक्ति के सुख के पीछे एक ही ग्रह होता है. शुक्र कमजोर हो तो किसी प्रकार का सुख नहीं मिलता. शुक्र की मजबूती के लिए भोर में या रात में शुक्र के मंत्र का जाप करे. आप ॐ शुं शुक्राय नम: मंत्र का जाप स्फटिक या सफ़ेद चंदन की माला से करे.

शनि: ग्रहों का सेवक है. व्यक्ति के कर्म का फल प्रदान करता है. शनि कमजोर हो तो व्यक्ति को रोजगार की समस्या होती है. शनि की समश्याओ से निपटारे के लिए सूर्यास्त के बाद शनि मंत्र का जाप करे. आप ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करे.

राहु: राहु छाया ग्रह है. व्यक्ति के जीवन के रहश्यो से संबंध रखता है. राहु का प्रभाव बुरा हो तो समश्याओ का कारण पता नहीं चलता. राहु को नियंत्रित करने के लिए रात में राहु के मंत्र का जाप करे. आप ॐ रां राहवे नम: मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करे.

केतु: केतु भी छाया ग्रह है. व्यक्ति की गोपनीय समश्याओ और अध्यात्म से संबंध रखता है. केतु खराब हो तो गोपनीय समश्याए परेशान करती है. व्यक्ति तंत्र-मंत्र के गलत मार्ग पर चलता है. केतु को नियंत्रित करने के लिए रात में केतु के मंत्र का जाप करे. आप ॐ कें केतवे नमः मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करे.

कोनसे रंग के प्रयोग से कोनसी बीमारी दूर होती हैं? – जानिए पंडितजी से

शुक्र रंगो के लिए कारक ग्रह है. शुक्र तुला राशि में है. शुक्र बलवान है. रंगो का इस्तेमाल करके परेशानियों को दूर कर सकते है. रंगो का इस्तेमाल करके मोटापे को दूर कर सकते है. कलर थेरेपी से मोटापे की परेशानी दूर की जाती है. रंग शरीर को एनर्जी देते है. रंगों के इस्तेमाल से वजन कम होता है. वजन कम करने से बहुत सारी बीमारियों का खतरा दूर हो जाता है.

colors remove illnessकोनसा रंग मोटापा दूर करता हैं?

मानसिक और त्वचा संबंधित परेशानी नहीं होती है. रक्त संबंधी बीमारियां नहीं होती है. गुरु मोटापे को बढ़ाता है. बुध का हरा रंग और शनि का नीला रंग मोटापे को कम करने में मदद करता है. घर की दीवारों पर हरी और बैगनी रंग की तस्वीर लगाए. खाने की प्लेट हरे, नीले और बैंगनी रंग की रखे. भूख कम लगेगी.

काला रंग शनि का कारक होता है. काला रंग भूख को कंट्रोल करता है. डाइनिंग टेबल पर काला टेबल क्लॉथ बिछाये. काले रंग के क्रोकेरी का इस्तेमाल करे. शनि का काला नीला रंग भी भूख को कम करता है. रात को बेडरूम में हलके नीले रंग का बल्ब जलाकर रखे. नीले रंग के नाईट लैंप को जलाये. नीले रंग के कपड़े पहनने से मोटापा कम होगा. अपने घर के परदे भी नीले रंग के रखे.

कोनसा रंग मोटापा बढता हैं?

पीला रंग गुरु का कारक है. पीले रंग के प्रयोग से मोटापा बढता है. जो लोग मोटापे से परेशान है वो पीले रंग का प्रयोग करे. पीले फल खाए. पिली सब्जी खाये. नीम के पत्ते और बैंगन की सब्जी या सहजन के फूलों की सब्जी खायें. बच्चो को कड़वी सब्जियां और दो या तिन मुनक़्क़ा खिलाये.

लाल रंग सूर्य और मंगल का कारक है. इस रंग के इस्तेमाल से भूख कम लगती है. खाना खाने से पहले लाल रंग की चीजों को देखे. लाल रंग की क्रोकरी का इस्तेमाल करे. लाल रंग की बेडशीट, पर्दों का इस्तेमाल करे. किचन और भोजन कक्ष में लाल रंग का प्रयोग करे.